"21वीं सदी में भी जातीय भेदभाव? इटावा की शर्मनाक घटना" यादव समाज पर अत्याचार

 


यह घटना 22–23 जून की रात की बताई जा रही है, और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया .

कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके सहायक संत सिंह यादव ने भगवद् गीता की कथा सुनाने गाँव में प्रवेश किया। कथावाचन के दौरान जब उनकी जाति “यादव” बताई गई, तो कुछ  ब्राह्मण आदमी ने उन पर हमला कर दिया; उन्हें बेरहमी से पीटा गया, उनका सिर मुंडवाया गया और गाली‑गलौज सह नाक़ रगड़ने जैसी अपमानजनक हरकतें कीं .

👉 राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने घटना की कड़ी निंदा की और पीड़ितों को हरियाणा में 51,000 रूपये का समर्थन राशि दी — साथ ही सरकार को चेतावनी दी कि यदि उचित कानूनी कार्रवाई नहीं हुई तो “सड़कों पर उतरेंगे” .


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